ECI के निर्णय लेने की प्रक्रिया से जुड़ी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट करेगा सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐसे मामले की सुनवाई तेज कर दी है जो यह सवाल उठाता है कि क्या भारतीय चुनाव आयोग (ECI) फैसले लेते समय सही नियमों का पालन कर रहा है?
याचिका में कहा गया है कि ECI में बड़े फैसले किसी एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि सभी को मिलकर, या तो सर्वसम्मति से या बहुमत से, लेने चाहिए।
भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने इस मामले की सुनवाई जल्दी करने पर सहमति जताई है।
ECI ने 'ईसीआईनेट' (ईसीआईनेट) समीक्षा समिति बनाई
ECI के डिजिटल प्लेटफॉर्म ECINET को लेकर भी आजकल खूब चर्चा हो रही है। यह प्लेटफॉर्म चुनावों को मैनेज करने के लिए बनाया गया है।
दो आयुक्तों को इस बात की चिंता है कि कहीं चुनाव का सारा डेटा ऊपर से ही कंट्रोल न हो जाए, जिससे राज्य के अधिकारियों की पहुंच सीमित हो सकती है।
ECI का दावा है कि व्यवस्था अभी भी विकेंद्रीकृत (डिसेंट्रलाइज्ड) है। हालांकि, इसे पूरी तरह से सुनिश्चित करने के लिए 26 सितंबर को एक समिति बनाई गई है। इस समिति में IIT या IIIT के एक स्वतंत्र एक्सपर्ट भी शामिल हैं। यह समिति जांच करेगी कि सब कुछ सही तरीके से हो रहा है और सभी कानूनी मानकों का पालन किया जा रहा है या नहीं।