सुप्रीम कोर्ट का हिमाचल हाई कोर्ट के फैसले में दखल से इनकार, कहा- वरिष्ठता पदोन्नति का अधिकार नहीं
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सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट द्वारा कुछ कनिष्ठ अधिकारियों को न्यायाधीश के पद पर पदोन्नत करने की सिफारिशों में दखल देने से इनकार कर दिया है। पारिवारिक न्यायालय के वरिष्ठ न्यायाधीश अरविंद मल्होत्रा ने इन सिफारिशों को चुनौती दी थी। हालांकि, पीठ ने साफ किया कि इस तरह के फैसले पीठ के अपने विवेक और संतुष्टि पर आधारित होते हैं और इनकी न्यायिक समीक्षा नहीं की जा सकती।
वरिष्ठता का मतलब पदोन्नति का अधिकार नहीं
मल्होत्रा की याचिका इन तीन कनिष्ठ अधिकारियों (चिराग भानु सिंह, भूपेश शर्मा और योगेश जसवाल) की पदोन्नति को चुनौती दे रही थी। न्यायाधीशों ने साफ तौर पर कहा कि केवल वरिष्ठ होने से पदोन्नति की सिफारिश का अधिकार नहीं मिल जाता। मल्होत्रा ने फिलहाल अपनी चुनौती वापस ले ली है, लेकिन अगर वे चाहें तो अन्य प्रशासनिक विकल्पों पर विचार कर सकते हैं।