तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में खरीद-फरोख्त मामला: सुप्रीम कोर्ट खारिज की CBI जांच की मांग
सुप्रीम कोर्ट ने मई 2026 में हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के बाद हुए कथित हॉर्स-ट्रेडिंग (खरीद-फरोख्त) मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरों (CBI) जांच की मांग वाली याचिका को ठुकरा दिया है। एम श्रीनिवासन ने यह याचिका दायर की थी। उन्होंने तमिलनाडु के मंत्री और तमिलगा वेट्री कड़गम (TVK) के महासचिव एन आनंद, साथ ही AIADMK के चार पूर्व विधायकों पर आरोप लगाया था कि उन्होंने सत्ताधारी दल को बहुमत बनाए रखने में मदद करने के लिए अपनी पार्टी बदल ली थी। भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और उनकी पीठ ने इस मामले में जांच और अंतिम रिपोर्ट, दोनों की मांग को खारिज कर दिया।
25 विधायकों ने TVK का समर्थन किया
याचिका में कुछ सख्त नियम बनाने की भी मांग की गई थी। इनमें अयोग्य ठहराए गए या इस्तीफा देने वाले विधायकों पर उपचुनाव लड़ने पर रोक लगाना और उनसे चुनाव का खर्च वापस वसूलना शामिल था। चुनावों के बाद TVK ने अपने सहयोगी दलों के साथ मिलकर सरकार बनाई थी। एक महत्वपूर्ण शक्ति परीक्षण के दौरान 25 विधायकों ने अपनी पार्टी के आदेशों को नहीं माना और TVK का समर्थन किया। इस घटना ने राज्य की राजनीति की दशा और दिशा तय करने में बड़ी भूमिका निभाई।