सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, कहा- फुटपाथ पर चलना है मौलिक अधिकार
सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाते हुए कहा है कि देश में फुटपाथ पर चलना हर नागरिक का मौलिक अधिकार है। इस फैसले के बाद इन रास्तों पर पैदल चलने वाले लोगों को गाड़ियों और बाइक से ज्यादा प्राथमिकता मिलेगी। गुरुग्राम जैसे शहरों के लिए भी यह फैसला काफी अहम है, जहां 33 फीसदी लोग राेजाना पैदल ही आवाजाही करते हैं। इसके बावजूद उन्हें सुरक्षित फुटपाथ ढूंढने में काफी दिक्कतें आती हैं।
गुरुग्राम के फुटपाथों पर जगह-जगह रुकावटें
गुरुग्राम के कुल सड़क नेटवर्क में 153.6 किलोमीटर फुटपाथ होने चाहिए थे, लेकिन 2020 के आंकड़ों के अनुसार, इस निर्धारित हिस्से में से भी सिर्फ 28 फीसदी पर ही फुटपाथ बन पाए थे। अक्सर देखा जाता है कि इन फुटपाथों पर या तो गाड़ियां खड़ी कर दी जाती हैं या ठेले वाले कब्जा कर लेते हैं। बदरपुर जैसे कई इलाकों में तो एक भी फुटपाथ नहीं है, जिसकी वजह से लोगों को मजबूरन सड़क पर चलना पड़ता है। इससे पैदल चलने वालों के लिए दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। शहर ने 2041 तक इस समस्या को दूर करने का लक्ष्य रखा है, जिसमें नए फुटपाथ बनाना और पुराने को सुधारना शामिल है।