वंदे मातरम को राष्ट्रगान के बराबर सम्मान मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से पूछा बड़ा सवाल
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा है कि क्या 'वंदे मातरम' को राष्ट्रगान 'जन गण मन' के बराबर का दर्जा मिलना चाहिए। यह बात एक जनहित याचिका दायर होने के बाद सामने आई है, जिसमें कहा गया है कि दोनों गीतों को समान सम्मान मिलना चाहिए। इसकी खास वजह यह है कि 'वंदे मातरम' ने भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में एक बड़ी भूमिका निभाई थी।
अश्विनी उपाध्याय ने की स्कूलों में रोजाना इसे गाने की मांग
वकील अश्विनी उपाध्याय ने यह याचिका दायर की है। इसमें मांग की गई है कि सभी स्कूलों और शिक्षण संस्थानों में हर कार्य दिवस पर दोनों गीत बजाए और गाए जाएं। इसके अलावा, याचिका में यह भी कहा गया है कि 'वंदे मातरम' का फिल्मों और पार्टियों में गलत इस्तेमाल न हो, इसके लिए सुरक्षा उपाय किए जाने चाहिए। याचिका में गीत के सांस्कृतिक और देशभक्ति के महत्व को बढ़ावा देने के लिए एक राष्ट्रीय नीति बनाने की भी मांग की गई है। इसमें इस बात पर जोर दिया गया है कि 'वंदे मातरम' को हमेशा 'जन गण मन' के बराबर की पहचान नहीं मिली है।