सुप्रीम कोर्ट दिल्ली-NCR में तय कर सकता है पटाखे चलाने की समय-सीमा
सुप्रीम कोर्ट दिल्ली-NCR में पटाखे चलाने के लिए एक समय-सीमा तय करने पर विचार कर रहा है। कोर्ट की कोशिश है कि त्योहारों की परंपराएं भी बनी रहें और साथ ही शहर में सर्दियों के दौरान होने वाले गंभीर वायु प्रदूषण से भी निपटा जा सके। मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत और उनकी बेंच लोगों में ज्यादा जागरूकता और नागरिक जिम्मेदारी बढ़ाने पर जोर दे रही है। वे एक ऐसा समाधान खोजना चाहते हैं जो सभी के हित में हो।
सुप्रीम कोर्ट कर रहा पटाखों के धार्मिक महत्व पर विचार
यह बहस साल 2015 से लगातार चल रही है। शुरुआत में पटाखों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया था, फिर 2025 की दिवाली में ग्रीन पटाखों को चलाने की इजाजत मिली थी। अब कोर्ट इस बात पर गौर कर रहा है कि क्या पटाखे सच में धार्मिक रीति-रिवाजों का जरूरी हिस्सा हैं। एक वकील ने अदालत में कहा था कि पटाखे त्योहारों के लिए उतने महत्वपूर्ण नहीं होते। इसके अलावा, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) की बेरियम-आधारित पटाखों पर एक रिपोर्ट भी आगे के फैसलों को प्रभावित कर सकती है।