अब दिल्ली में फूटेंगे ग्रीन पटाखे, सुप्रीम कोर्ट ने दी हरी झंडी, लेकिन ये हैं शर्तें
दिल्ली में कुछ खास ग्रीन पटाखों के इस्तेमाल की इजाजत सुप्रीम कोर्ट ने दे दी है। हालांकि, इनका इस्तेमाल कुछ तय नियमों के तहत ही हो पाएगा। ये पर्यावरण-अनुकूल पटाखे त्योहारों के दौरान होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए हैं।
इनसे निकलने वाला धुआं पारंपरिक पटाखों के मुकाबले 30 से 40 प्रतिशत तक कम होता है। दरअसल, दिल्ली में, खासकर त्योहारों के मौसम में, वायु प्रदूषण एक बड़ी समस्या बन जाता है, और इसी को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।
कौन से पटाखे चलाए जा सकेंगे, जल्द आएंगे अंतिम नियम
कौन से पटाखे चलाए जा सकेंगे, इसके अंतिम नियम जल्द ही बता दिए जाएंगे। इन नियमों में यह भी साफ होगा कि किन घंटों में इन पटाखों का इस्तेमाल हो सकता है। इस स्पष्टता से व्यापारियों ने थोड़ी राहत की सांस ली है।
हालांकि, विशेषज्ञों की चिंता है कि इन नियमों को लागू कराना अभी भी एक बड़ी चुनौती होगा। ऐसा इसलिए है क्योंकि रोक के बावजूद पारंपरिक पटाखे अक्सर बाजारों में आसानी से मिल जाते हैं। पर्यावरणविदों का कहना है कि ग्रीन पटाखे भी दिल्ली के पहले से ही बढ़ते प्रदूषण को और बढ़ा सकते हैं, इसलिए यह फैसला असल में त्योहारों के जश्न और स्वच्छ हवा के बीच संतुलन बनाने की एक कोशिश है।