अयोध्या मंदिर चढ़ावा विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने दिखाई सख्ती, गड़बड़ी के आरोपों की अब होगी गहन पड़ताल
सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे के कथित गलत इस्तेमाल से जुड़े मामले में याचिकाकर्ताओं को शामिल होने की अनुमति दे दी है। यह फैसला उत्तर प्रदेश सरकार के उस बयान के बाद आया है, जिसमें उसने बताया था कि मामले में आरोपपत्र दाखिल हो चुका है। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने स्पष्ट किया कि यह मामला सामान्य कानूनी नियमों के अनुसार ही आगे बढ़ना चाहिए।
अधिकारियों पर मंदिर का चढ़ावा बैंक में जमा करने का आरोप
कुछ अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने मंदिर के चढ़ावे को गिनती के दौरान बैंक खातों में जमा कर दिया। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि अधिकारियों ने कथित तौर पर इस चढ़ावे को बैंक खातों में डाला था। कोर्ट ने यह भी साफ किया कि वह किसी का पक्ष नहीं ले रहा है। याचिकाकर्ता कार्यवाही में मजिस्ट्रेट की सहायता कर सकते हैं और मजिस्ट्रेट कानून के अनुसार मामले को आगे बढ़ाएंगे।