सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, अब नेताओं के चुनावी झूठ पर कर सकेंगे शिकायत
सुप्रीम कोर्ट से एक बड़ी खबर सामने आई है। अब आम नागरिक भी किसी राजनेता के चुनावी हलफनामे में झूठ बोलने पर शिकायत दर्ज करा सकेंगे। पहले सिर्फ सरकारी अधिकारी ही ऐसी शिकायतें कर सकते थे। इसका मतलब है कि अगर चुनाव लड़ने वाला कोई उम्मीदवार अपनी जानकारी छिपाता है या गलत बताता है, तो आपको किसी सरकारी कर्मचारी के कार्रवाई करने का इंतजार नहीं करना होगा। कोर्ट ने साफ कहा है कि चुनाव कानून के तहत ये शिकायतें सीधे दर्ज की जा सकती हैं। इसके लिए उस आम नियम को मानने की जरूरत नहीं है, जिसके तहत ऐसे मामले सिर्फ अधिकारी ही शुरू कर सकते हैं।
विधायक के पते को लेकर राजकुमार मडकी की शिकायत
यह कदम राजनेताओं की जवाबदेही तय करने के लिए उठाया गया है। कोर्ट ने बताया कि साल 2006 में जब कानून बनाने वालों ने नियमों में बदलाव किया था, तब उन्होंने निजी शिकायतों पर रोक लगाने का कोई प्रावधान नहीं रखा। इसलिए यह साफ है कि निजी शिकायतें वैध हैं। यह फैसला तब आया जब राजकुमार मडकी नाम के एक शख्स ने कर्नाटक के एक विधायक पर अपने पते के बारे में झूठ बोलने का आरोप लगाया था। अब कोई भी नागरिक गलत जानकारी सामने लाकर चुनावों को निष्पक्ष रखने में सीधा योगदान दे सकता है।