शिमला में जमीन में धंस रहा शकराला गांव, 150 घर दरारों में आई दरारें
शिमला के पास बसे शकराला गांव में दो साल से भी ज्यादा समय से जमीन धंसने की गंभीर समस्या बनी हुई है। इससे करीब 150 घर प्रभावित हुए हैं। मानसून की भारी बारिश ने इस हालत को और भी बिगाड़ दिया है। पूरे इलाके में घरों और रास्तों पर अब गहरी दरारें साफ दिखाई देने लगी हैं। इस समस्या की मुख्य वजहें खराब ड्रेनेज सिस्टम, अनियोजित निर्माण और पास में बन रहे चार लेन के प्रोजेक्ट के लिए की गई अंधाधुंध खुदाई को माना जा रहा है। अब कई परिवार यहां से पलायन करने के बारे में सोच रहे हैं, लेकिन घर-बार छोड़ने के आर्थिक नुकसान के डर से वे ऐसा कर नहीं पा रहे।
7-8 लाख खर्च करने के बाद भी मरम्मत फेल
ग्रामीणों ने अपने स्तर पर ड्रेनेज सुधारने और गंदे पानी को दूसरी तरफ मोड़ने के लिए करीब 7-8 लाख रुपये खर्च किए, लेकिन इसके बावजूद कोई खास फायदा नहीं हुआ। सीमा वर्मा ने कहा, "दरारें बार-बार दिखने लगती हैं। हम उनकी मरम्मत करवा लेते हैं, पर कुछ ही समय बाद वे फिर से उभर आती हैं।" गुलाब सिंह भी अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित हैं, लेकिन उनके पास इतनी हैसियत नहीं कि वे नया घर लेकर कहीं और जा सकें। स्थानीय अधिकारियों ने ग्रामीणों को मिट्टी की जांच करवाने और बचाव के कदम उठाने का भरोसा दिलाया है, लेकिन अभी भी ग्रामीण ठोस समाधान का ही इंतज़ार कर रहे हैं।