चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध ने दिल्ली में रोकीं 200 ट्रेनें, सुप्रीम कोर्ट ने लिया कड़ा संज्ञान
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग के वोटर लिस्ट के 'स्पेशल गहन रिवीजन' (SIR) के खिलाफ कुछ विरोध प्रदर्शन होने थे। इन्हीं प्रदर्शनों से पहले कुछ पाबंदियां लगाई गई थीं, जिसकी वजह से रेलवे को करीब 200 पैसेंजर ट्रेनें और 41 मेल व एक्सप्रेस ट्रेनें रद्द करनी पड़ीं।
ये ट्रेनें 9 अक्टूबर की दोपहर से लेकर 10 अक्टूबर की आधी रात तक रद्द रहीं। रेलवे अधिकारियों का कहना था कि यह कदम सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया था।
दिल्ली में ट्रेनों के रुकने पर सुप्रीम कोर्ट करेगा समीक्षा
यह प्रदर्शन चुनाव आयोग द्वारा वोटर लिस्ट में किए जा रहे गहन अपडेट के खिलाफ थे। दरअसल, 9 अक्टूबर को दोपहर 2 बजे के बाद चलने वाली ट्रेनें ही इस रद्द होने से प्रभावित हुईं। दिल्ली क्षेत्र में 10 अक्टूबर को कुल 165 सामान्य मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों को समाप्त होना था।
अब सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में दखल दिया है। सुप्रीम कोर्ट इस बात की समीक्षा कर रहा है कि यह ट्रेनें रद्द क्यों हुईं और दिल्ली जैसे शहर में सार्वजनिक प्रदर्शनों को किस तरह संभाला जाए।