हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, अब सरकार विरोधी नारे लगाना नहीं होगा देशद्रोह
पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाते हुए साफ कर दिया है कि सरकार के विरोध में नारे लगाना देशद्रोह नहीं कहा जा सकता। कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि भले ही कोई प्रदर्शन उग्र या हिंसक भी हो जाए, लेकिन अगर उसका मकसद सरकार के प्रति नफरत या अपमान भड़काना न हो, तो उसे देशद्रोह नहीं माना जाएगा। यह फैसला डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को 2017 में बलात्कार के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद हुई हिंसा के आरोप में कई लोगों को बरी करते हुए सुनाया गया।
पर्याप्त सबूतों के अभाव में बरी
अदालत ने पाया कि इन आरोपियों को हिंसा की घटनाओं से जोड़ने के लिए पर्याप्त सबूत मौजूद नहीं थे। गवाह घटनास्थल पर किसी भी आरोपी की ठीक से पहचान नहीं कर पाए। साथ ही, फॉरेंसिक जांच में भी पेट्रोल या मिट्टी के तेल के इस्तेमाल के दावों की पुष्टि नहीं हो सकी। जजों ने इस बात पर भी जोर दिया कि आपराधिक मामलों में सिर्फ शक के आधार पर किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। किसी को सजा देने के लिए ठोस और पुख्ता सबूतों की जरूरत होती है।