दलजीत सिंह हत्या मामला: हाईकोर्ट ने पैतृक गांव में दी अंतिम संस्कार की इजाजत, बहन ने की CBI जांच की मांग
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने अपने पहले के आदेश में बदलाव किया है, जिसके बाद दलजीत सिंह का परिवार अब उन्हें अपने पैतृक गांव भम्मे कलां में दफना पाएगा।
यह बदलाव इसलिए हुआ क्योंकि दलजीत की पत्नी और मां ने कहा था कि चंडीगढ़ में उनके अंतिम संस्कार के मूल फैसले में उन्हें शामिल नहीं किया गया था। अदालत ने यह भी साफ कर दिया है कि अंतिम संस्कार में सिर्फ परिवार के करीबी लोग ही मौजूद रहें, जिससे निजता बनी रहे।
सिंह की बहन ने CBI जांच की मांग की
29 अक्टूबर को रामानंदा गांव के पास एक खेत से दलजीत सिंह का शव मिला था, जिसने कई सवाल खड़े कर दिए थे। दलजीत की बहन को शक है कि उनकी मौत ड्रग ओवरडोज से हुई है। इसलिए उन्होंने शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराने और CBI जांच की मांग की है।
पहले पोस्टमार्टम में दलजीत के शरीर पर मारपीट के निशान मिले थे। इसी वजह से पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि किसी परिचित ने ही दलजीत को पीटा था, जिससे उनकी मौत हो गई।
5 नवंबर को होने वाले अंतिम संस्कार के दौरान शांति बनी रहे, इसके लिए अदालत ने पुलिस को निर्देश दिया है कि कोई भी बाहरी व्यक्ति या राजनीतिक समूह इसमें शामिल न हो।