45 मेट्रो स्टेशन बंद करना गृह सचिव को पड़ा भारी? सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका
दिल्ली में मेट्रो स्टेशन बंद करने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका दायर की गई है। इसमें केंद्रीय गृह सचिव पर सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि अधिकारियों ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान दिल्ली के 45 मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए थे। यह तब किया गया, जब कुछ समय पहले ही कोर्ट ने साफ कहा था कि जरूरी यातायात को पूरी तरह रोका नहीं जा सकता।
इस कदम से आम लोगों को भारी दिक्कत हुई, जिसके बाद यह अवमानना याचिका दाखिल की गई है। याचिका में मेट्रो और ट्रेनों की आवाजाही पर लगाई गई पाबंदियों को लेकर भी गहरी चिंता जताई गई है।
सुप्रीम कोर्ट में गोविंद मोहन के खिलाफ याचिका
शनिवार को केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन और अन्य लोगों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है, जिसमें अवमानना की कार्यवाही शुरू करने की मांग की गई है।
यह अवमानना याचिका सुप्रीम कोर्ट में ही दाखिल की गई है। यह पूरा मामला भारत में विरोध प्रदर्शनों, आम लोगों की सहूलियत और सरकारी कार्रवाई के बीच चल रही बहस का एक नया अध्याय बनता दिख रहा है।