NEET-UG के बाद बड़ी कार्रवाई: संसदीय समिति ने NTA और परीक्षा प्रणाली में मांगे आमूलचूल बदलाव
NEET-UG 2026 की परीक्षा पेपर लीक के कारण रद्द होने के बाद अब एक संसदीय समिति ने प्रवेश परीक्षाओं के संचालन के तरीके में बड़े सुधारों की वकालत की है। समिति चाहती है कि परीक्षा देने वाले उम्मीदवारों के लिए उम्र और प्रयासों की एक सीमा तय की जाए। साथ ही वे कंप्यूटर-आधारित टेस्ट (CBT) को अपनाने और सरकारी स्वामित्व वाले तथा संचालित केंद्रों की भूमिका बढ़ाने पर भी जोर दे रहे हैं। एक नई दो-चरण वाली परीक्षा प्रणाली का सुझाव भी दिया गया है, जिसमें पहले एक सामान्य प्रारंभिक परीक्षा होगी और उसके बाद अलग-अलग कोर्स के लिए विशेष मुख्य परीक्षाएं ली जाएंगी।
संसदीय समिति NTA के लिए चाहती है सख्त नियम
समिति ने राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) के लिए भी कड़े नियमों की मांग की है। इसमें अधिक परीक्षा विशेषज्ञों की नियुक्ति और उन परीक्षा विक्रेताओं की राष्ट्रीय सूची बनाना शामिल है जिन्हें ब्लैकलिस्ट किया गया है। उनका सुझाव है कि प्रश्न बैंक का आकार बड़ा किया जाए, जिससे पेपर लीक की संभावना कम हो। साथ ही IIT और AIIMS जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के विशेषज्ञों को प्रश्न पत्र बनाने का काम सौंपा जाए।