NMC ने डॉक्टरों के विज्ञापन पर कसा शिकंजा, अब AI और 'सबसे अच्छा' के दावे नहीं चलेंगे
भारत के नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने डॉक्टरों के विज्ञापन करने के तरीके को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अब डॉक्टर AI से बनी नकली मरीजों की समीक्षाएं या 'सबसे अच्छा' या 'सबसे भरोसेमंद' जैसे दावे नहीं कर पाएंगे।
इसका मकसद है कि चीजें पारदर्शी रहें और मरीज चमक-दमक वाले विज्ञापनों से गुमराह न हों।
डॉक्टरों को विज्ञापन पर प्रतिबंध और जुर्माने का सामना करना पड़ेगा
डॉक्टर अब सर्च ट्रिक्स से अपनी रैंकिंग नहीं बढ़ा सकते। वे मरीजों को लुभाने के लिए इन्फ्लुएंसर्स के साथ हाथ नहीं मिला सकते, न ही ऐसे इलाज के बारे में बड़े-बड़े दावे कर सकते हैं जिन्हें वे साबित न कर सकें।
छूट और रेफरल ऑफर भी अब नहीं दिए जा सकेंगे, क्योंकि इनसे लोगों को बेवजह डॉक्टर के पास जाने के लिए उकसाया जा सकता है। अगर कोई डॉक्टर इन नियमों को तोड़ता है, तो पहले उसे चेतावनी मिलेगी और नैतिक प्रशिक्षण लेना होगा।
लेकिन बार-बार नियम तोड़ने पर उन्हें एक से 3 साल के लिए मेडिकल रजिस्टर से हटाया जा सकता है।