कैप्टन स्मित को मिले अशोक चक्र, राज्यसभा सांसद ने की मांग
एक राज्यसभा सदस्य ने प्रधानमंत्री मोदी से फ्लाईदुबई के कैप्टन स्मित मच्छार को भारत का सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार अशोक चक्र दिए जाने की मांग की है।
कैप्टन स्मित 30 सितंबर को हुई एक अपहरण की कोशिश के दौरान बहादुरी से आगे आए थे, जबकि उनके को-पायलट ने उन्हें बुरी तरह घायल कर दिया था। उनकी इसी बहादुरी के चलते विमान में सवार 174 यात्रियों की जान बचाई जा सकी।
कुल्हाड़ी से हुए हमले के बाद भी स्मित ने खोला कॉकपिट का दरवाजा
ओमानी को-पायलट हमम अल-हममामी ने कैप्टन स्मित पर कुल्हाड़ी से हमला किया था, इसके बावजूद भी उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाबी हासिल की। ऐसा इसलिए ताकि दूसरे लोग अपहरणकर्ता को काबू कर सकें।
हालांकि, इस दौरान विमान 2 मिनट में 16,000 फीट नीचे आ गया था। लेकिन इसके बावजूद सऊदी अरब में विमान की इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। अच्छी बात यह रही कि विमान में सवार सभी 180 लोग सुरक्षित बच गए। हमला करने वाले को-पायलट को फिलहाल हिरासत में ले लिया गया है। सांसद का कहना है कि कैप्टन स्मित को यह सम्मान मिलने से देश के युवा बहुत प्रेरित होंगे।