इंटरनेट बंद पर सुप्रीम कोर्ट में मांगी माफी, तुषार मेहता बोले- सिर्फ औपचारिकता
दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान, गृह मंत्रालय ने 9 अक्टूबर की रात 10 बजे से 10 अक्टूबर की रात 10 बजे तक रायसीना हिल के 4 किलोमीटर के दायरे में मोबाइल इंटरनेट सेवा बंद कर दी थी।
मंत्रालय ने कहा कि यह कदम शांति बनाए रखने और अराजकता से बचने के लिए जरूरी था। हालांकि, वाई-फाई और अन्य गैर-सेलुलर इंटरनेट सेवाएं उस दौरान भी काम कर रही थीं।
गृह सचिव गोविंद मोहन ने मोबाइल इंटरनेट बंद करने के इस फैसले को उस समय की स्थिति के 'आनुपातिक' बताया।
अधिकारियों ने मांगी माफी, तुषार मेहता ने कहा सिर्फ औपचारिकता
सुप्रीम कोर्ट से अवमानना का नोटिस मिलने के बाद, गृह सचिव गोविंद मोहन और दिल्ली के पुलिस कमिश्नर जैसे शीर्ष अधिकारियों ने बिना किसी शर्त के माफी मांगी। हालांकि, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि ये माफी सिर्फ एक औपचारिकता भर थी और इसका मतलब यह नहीं कि किसी ने नियमों को तोड़ा था।
सरकार का कहना है कि उसका ध्यान विरोध प्रदर्शनों के दौरान सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने पर है, भले ही इसके लिए कड़े फैसले लेने पड़ें।