IIT त्रासदी के बाद शिक्षा मंत्रालय सख्त, छात्र आत्महत्या पर अब पुलिस को देनी होगी जानकारी
शिक्षा मंत्रालय ने विश्वविद्यालयों को एक अहम निर्देश दिया है। मंत्रालय ने सभी विश्वविद्यालयों से कहा है कि किसी भी छात्र की आत्महत्या या किसी अन्य असामान्य मौत की जानकारी तुरंत पुलिस को देनी होगी। यह निर्देश 16 सितंबर, 2026 को सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश का पालन करते हुए जारी किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को सहारा देना और भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं को रोकना है।
छात्र आत्महत्याओं पर राष्ट्रीय कार्य बल
यह फैसला 2023 में IIT दिल्ली के 2 अनुसूचित जाति के छात्रों की दुखद मौत के बाद आया है। इन मामलों में एक परिवार ने जातिगत भेदभाव और उत्पीड़न का आरोप भी लगाया था।
अब छात्र आत्महत्याओं को रोकने के तरीकों पर विचार करने के लिए एक राष्ट्रीय कार्य बल भी बनाया गया है। इसके अलावा, आवासीय उच्च शिक्षा संस्थानों (HEIs) को कुछ खास बातों का ध्यान रखने के लिए भी कहा गया है। उन्हें चौबीसों घंटे योग्य मेडिकल सहायता उपलब्ध करानी होगी।
अगर कैंपस में ऐसी सुविधाएं नहीं हैं, तो एक किलोमीटर के दायरे में ऐसी ही आपातकालीन मेडिकल सहायता की व्यवस्था करनी होगी। साथ ही, उन्हें खाली पड़े स्टाफ पदों को तुरंत भरना होगा, छात्रवृत्तियां समय पर देनी होंगी और रैगिंग व उत्पीड़न के खिलाफ बनाए गए नियमों का सख्ती से पालन करना होगा, ताकि छात्र स्वयं को ज्यादा सुरक्षित और सहारा मिला हुआ महसूस करें।