महाराष्ट्र में 1,200 एकड़ जमीन बिना टेंडर लीज पर देने को लेकर हंगामा, जानिए कारण
महाराष्ट्र सरकार को हरेगांव में 1,200 एकड़ जमीन लीज पर देने के मामले में विरोध का सामना करना पड़ रहा है। यह जमीन एक ऐसी कंपनी को दी गई है जिसका संबंध सुप्रिया सुले के दामाद सारंग लखानी से बताया जा रहा है। यह सौदा 49 साल के लिए किया गया है और इसे बिना किसी टेंडर निकाले ही दे दिया गया। इस वजह से इसकी पारदर्शिता और सरकार को होने वाले संभावित राजस्व के नुकसान पर सवाल खड़े हो गए हैं। सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया ने इस फैसले में प्रतिस्पर्धा की कमी को लेकर आवाज उठाई है। इतना ही नहीं इस कदम से उस जमीन पर ग्रीन एनर्जी पार्क बनाने की पिछली योजना भी खत्म हो गई है।
अंजलि दमानिया ने बिना टेंडर लीज पर सवाल उठाए
इस लीज से औपनिवेशिक काल की पुरानी यादें ताजा हो गई हैं, जब किसानों से हजारों एकड़ जमीन छीन ली गई थी। उनमें से कई किसान तो आज भी अपनी जमीन वापस मिलने का इंतजार कर रहे हैं। सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया ने सरकार की जमीन को बिना टेंडर निकाले निजी कंपनी को देने पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने पूछा है कि आखिर टेंडर क्यों नहीं निकाला गया और इस फैसले का किसानों पर क्या असर पड़ेगा। इस बीच, सुप्रिया सुले ने यह साफ कर दिया है कि वह अपने दामाद के कारोबारी फैसलों से कोई संबंध नहीं रखती हैं।