आदिवासी छात्रों की मांगों पर झुकी महाराष्ट्र सरकार, 12,500 भर्तियां पक्की
गढ़चिरौली के एक स्कूल में सांप के काटने से 3 लड़कियों की दिल दहला देने वाली मौत के बाद पुणे, नागपुर और नासिक में बड़े विरोध प्रदर्शन हुए थे। इन्हीं विरोध प्रदर्शनों के चलते अब महाराष्ट्र सरकार ने आदिवासी छात्रों की अहम मांगें मान ली हैं। छात्रों की मुख्य मांगों में आदिवासी बच्चों के आवासीय स्कूलों की हालत सुधारना और सरकारी नौकरियों में अनुसूचित जनजाति (ST) उम्मीदवारों के लिए ज्यादा नौकरी के अवसर देना शामिल था।
राज्य ने 12,500 भर्तियों, थर्ड-पार्टी ऑडिट का किया वादा
राज्य सरकार ने 12,500 पदों पर भर्ती करने का आश्वासन दिया है। इसके अलावा PESA एक्ट के तहत होने वाली भर्तियों को भी तेजी से पूरा करने का भरोसा दिलाया गया है। सुरक्षा से जुड़ी कमियों को दूर करने के लिए सभी आदिवासी आवासीय स्कूलों का थर्ड-पार्टी ऑडिट भी कराया जाएगा। छात्रों की मांग के अनुसार, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) योजना को भी खत्म किया जा रहा है। इसके अलावा, बिना वैध जाति प्रमाण पत्र वाले उम्मीदवारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। छात्र प्रतिनिधियों ने इन समयबद्ध वादों पर खुशी जताई है।