दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप: पत्रकार से बदसलूकी के बावजूद ACP भगत पर कार्रवाई क्यों नहीं?
एक स्वतंत्र पत्रकार ने दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी पर आरोप लगाया है कि जंतर मंतर पर चुनावी सूची में बदलाव के विरोध प्रदर्शन को कवर करते समय उन्होंने उनके साथ छेड़छाड़ और धक्का-मुक्की की। यह प्रदर्शन चुनावी सूचियों में किए गए बदलावों को लेकर लोगों की चिंताओं के चलते हो रहा था।
कथित घटना तब हुई जब पुलिस छात्र कार्यकर्ता नेहा बोरा को हिरासत में ले रही थी। पत्रकार ने पुलिस में FIR दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन उनका कहना है कि उनकी शिकायत पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
पत्रकारों और वकीलों ने कार्रवाई की मांग की
घटना के बाद कई पत्रकार, प्रदर्शनकारी और वकील पुलिस थाने के बाहर जमा हो गए। सभी ने आरोपी अधिकारी के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की मांग की। CJP सदस्य सौरव दास ने कार्रवाई में देरी के लिए दिल्ली पुलिस की कड़ी आलोचना की।
वहीं, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी महिलाओं की सुरक्षा के प्रति पुलिस की अनदेखी को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी। यह पूरा विवाद चुनाव आयोग द्वारा चुनावी सूची संशोधन के तरीके को लेकर चल रहे एक बड़े राजनीतिक खींचतान के बीच सामने आया है। शिकायत में एसीपी विवेक भगत का नाम सामने आया है।