नौसेना की 'अदृश्य' शक्ति का नया अध्याय: 6 स्टील्थ कॉर्वेट्स होंगे खामोश और घातक!
भारतीय नौसेना अपनी ताकत बढ़ाने के लिए एक बड़ा कदम उठा रही है। नॉर्वे की कंपनी कोंग्सबर्ग मैरीटाइम के एडवांस्ड कामेवा वाटरजेट सिस्टम छह नई पीढ़ी के स्टील्थ कॉर्वेट्स में लगाए जाएंगे, जिन्हें कोचीन शिपयार्ड में बनाया जा रहा है। ये जहाज बेहद तेज, गुप्त और भारी मारक क्षमता के साथ डिजाइन किए गए हैं। हर जहाज में आठ ब्रह्मोस और 24 VL-SRAM मिसाइलें होंगी, जिससे भारत की समुद्री ताकत को काफी मजबूती मिलेगी।
वाटरजेट के फायदे: शांति और फुर्ती
वाटरजेट तकनीक के अपने कई खास फायदे हैं। इस तकनीक से जहाज बेहद शांति से चलते हैं और उनका सफर भी आरामदायक होता है। तेज रफ्तार पर भी ये जहाज 50 प्रतिशत से भी कम शोर करते हैं। इसके अलावा, ये जहाज बहुत आसानी से मुड़ सकते हैं और कम पानी वाले इलाकों में भी बखूबी चल सकते हैं। एक और फायदा यह है कि इनमें खुले प्रोपेलर नहीं होते, जिससे दुश्मन के लिए इन जहाजों को निशाना बनाना मुश्किल हो जाता है।