भारतीय नौसेना का बड़ा कदम: पुरानी पनडुब्बियों को अलविदा, अब नए 'शिकारी' पनडुब्बियों का इंतजार
भारतीय नौसेना अगले कुछ सालों में अपनी 3 पुरानी किलो क्लास पनडुब्बियों को बेड़े से हटाने की योजना बना रही है। रूस में बनी ये पनडुब्बियां 1980 के दशक के आखिर और 2000 के शुरुआती सालों से भारतीय नौसेना में शामिल की गई थीं।
अब इनमें से कई 35 साल की अपनी सेवा पूरी कर चुकी हैं। फिलहाल, उनमें से केवल 6 पनडुब्बियां ही पूरी तरह से सक्रिय अवस्था में हैं।
रखरखाव पर भारी खर्च, नौसेना प्रोजेक्ट-75(I) के इंतजार में
इन पनडुब्बियों में नए सोनार और क्रूज मिसाइल जैसे तकनीकी सुधार किए गए हैं, इसके बावजूद इनका रखरखाव अब काफी महंगा और मुश्किल होता जा रहा है। रूस ने इन पुरानी पनडुब्बियों को बदलने के लिए कुछ इस्तेमाल की हुई पनडुब्बियां देने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन नौसेना ने उसे ठुकरा दिया। इसकी वजह यह थी कि वे पनडुब्बियां पहले ही काफी उपयोग हो चुकी थीं।
अब भारतीय नौसेना की निगाहें प्रोजेक्ट-75(I) पर टिकी हैं, जिसके तहत आधुनिक और स्टील्थ पनडुब्बियां नौसेना में शामिल होंगी। उम्मीद है कि ये पनडुब्बियां 2030 के शुरुआती सालों तक नौसेना में आ जाएंगी, लेकिन तब तक भारतीय नौसेना को पनडुब्बियों की संख्या में कुछ कमी का सामना करना पड़ सकता है।