ड्राइविंग लाइसेंस अब होगा रंगीन और पास करना होगा मुश्किल, सरकार ला रही बड़े सुधार
भारत का सड़क परिवहन मंत्रालय नागरिकों और विदेशियों, दोनों के लिए रंग-कोड वाले ड्राइविंग लाइसेंस जारी करना चाहता है। ये नए कार्ड लैमिनेटेड या PVC मटेरियल पर छपेंगे।
भारतीय नागरिकों और विदेशी नागरिकों के लिए इनके फॉर्मेट अलग-अलग होंगे। इन कार्ड्स पर ब्लड ग्रुप, मोबाइल नंबर और इमरजेंसी कॉन्टैक्ट नंबर जैसी जरूरी जानकारी भी लिखी होगी।
सड़क परिवहन मंत्रालय ने लाइसेंसिंग सुधारों का प्रस्ताव रखा
सड़कों को और ज़्यादा सुरक्षित बनाने के लिए, सुरक्षित ड्राइविंग मूल्यांकन में पास होने के लिए जरूरी नंबर 60 प्रतिशत से बढ़ाकर 75 प्रतिशत किए जा सकते हैं।
अगर आप लॉग-इन करने के लिए आधार का इस्तेमाल करते हैं, तो कुछ ऑनलाइन सेवाएं मुफ्त मिलेंगी। इसके अलावा, जीवन बीमा पॉलिसी जैसे डॉक्यूमेंट्स को जल्द ही उम्र और पते के प्रूफ के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है। शपथ पत्र भी स्वीकार किए जा सकते हैं।
लाइसेंसिंग कार्यालयों को 15 दिनों के अंदर आपकी जानकारी अपडेट करनी होगी, या फिर बताना होगा कि ऐसा क्यों नहीं किया जा सका। सरकार ने इन बदलावों पर 25 नवंबर तक लोगों से राय मांगी है। इसलिए, अगर आपके पास कोई सुझाव है, तो अभी मौका है।