DGCA का बड़ा फैसला, अब सभी पायलटों के लिए अनिवार्य होगा ड्रग टेस्ट
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने सभी एयरलाइन पायलटों के लिए एक जरूरी नियम लागू किया है। इसके तहत अगस्त 2026 से जुलाई 2027 के बीच हर पायलट को एक बार ड्रग टेस्ट करवाना होगा। यह फैसला एयर इंडिया की एक उड़ान से जुड़ी घटना के बाद आया है। उस घटना में फुकेट-दिल्ली एयर इंडिया फ्लाइट के पायलट-इन-कमांड (PIC) का ड्रग टेस्ट पॉजिटिव आया था, जिसमें उन्हें साइकोएक्टिव पदार्थ के सेवन का दोषी पाया गया। इसी के बाद उड़ानों को सुरक्षित रखने के लिए कड़े नियम बनाने की जरूरत महसूस हुई।
एयर इंडिया की हाइड्रोलिक विफलता में 24 लोग घायल हुए
4 अगस्त को एयर इंडिया की एक फ्लाइट में लगभग 36,000 फीट की ऊंचाई पर 3 हाइड्रोलिक सिस्टम में दबाव अचानक कम हो गया था। इसकी वजह से विमान का ऑटोपायलट बंद हो गया और 24 यात्री घायल हो गए। जांच के दौरान पता चला कि इस फ्लाइट के PIC का ड्रग टेस्ट भी साइकोएक्टिव पदार्थ के लिए पॉजिटिव आया था। इस खुलासे के बाद एयर इंडिया ने उन्हें नौकरी से निकाल दिया और अपने सभी पायलटों का टेस्ट शुरू कर दिया। अब DGCA ने भारत में उड़ान भरने वाली सभी एयरलाइंस में काम करने वाले पायलटों के लिए 1 अगस्त 2026 से 31 जुलाई 2027 के बीच एक बार ड्रग स्क्रीनिंग कराने का आदेश दिया है।