भारतीय सेना के 'प्रोजेक्ट राइनो' से T-72 टैंकों को मिल रही नई जान
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भारतीय सेना अपने पुराने T-72 टैंकों को आधुनिक बना रही है। ये टैंक 1978 में पहली बार मैदान में उतरे थे और कभी पाकिस्तान के टैंक बेड़े पर भारी पड़ते थे, मगर अब ये पुराने लगने लगे हैं। खासकर पश्चिमी देशों के उन आधुनिक टैंकों के मुकाबले, जिनमें हाई-टेक थर्मल इमेजिंग और फायर-कंट्रोल सिस्टम लगे होते हैं।
प्रोजेक्ट राइनो के तहत इस तरह आधुनिक हो रहे टैंक
भले ही सेना को हाल ही में 1,000वां T-90 टैंक मिला हो, लेकिन पुराने T-72 टैंकों को युद्ध के लिए तैयार रखना अभी भी बेहद जरूरी है। इसी आधुनिकीकरण योजना को 'प्रोजेक्ट राइनो' नाम दिया गया है। इसके तहत इन टैंकों को नए इंजन, बेहतर सुरक्षा कवच और एडवांस्ड फायर-कंट्रोल तकनीक दी जाएगी। इससे ये टैंक 2030 के बाद भी युद्ध के मैदान में डटे रह पाएंगे।