पंजाब में मॉनसून ने दिया धोखा: 39 प्रतिशत कम बारिश से सूखा, बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून के वापस लौटने के साथ ही पंजाब में इस बार मानसून की बारिश में 39 फीसदी की कमी दर्ज की गई है। 1 जून से 19 सितंबर के बीच पंजाब में आमतौर पर 417 मिलीमीटर बारिश होती है, लेकिन इस बार सिर्फ 254.2 मिलीमीटर बारिश ही दर्ज की गई।
अब दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी हो चुकी है और आगे बारिश की संभावना भी नहीं है, ऐसे में आने वाले दिनों में सूखा मौसम रहने का अनुमान है।
पंजाब के ट्यूबवेल ने बढ़ाई 16,000 मेगावाट बिजली की मांग
बारिश की कमी का सबसे बुरा असर सितंबर महीने में दिखा, जब बारिश में 57 फीसदी की भारी गिरावट दर्ज की गई।
अपनी धान की फसल को बचाने के लिए किसानों को अब ज्यादातर ट्यूबवेल पर ही निर्भर रहना पड़ रहा है, जिसकी वजह से इस महीने बिजली की मांग 16,000 मेगावाट से भी ऊपर चली गई।
इन सब से न सिर्फ कृषि पर, बल्कि पंजाब की पहले से ही दबाव झेल रही बिजली आपूर्ति पर भी काफी बोझ बढ़ गया है।