IMD ने मानसून की बारिश के अपने अनुमान को बदला, जानिए कितनी होगी बारिश
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 2026 के मानसून के लिए अपने अनुमान में बदलाव किया है। विभाग का कहना है कि इस साल सामान्य से सिर्फ 90 प्रतिशत ही बारिश होने की उम्मीद है। ऐसे में यह साल 2015 के बाद सबसे सूखा रह सकता है। उत्तर-पश्चिम भारत में सबसे कम बारिश होने की संभावना जताई गई है, जहां औसत से 92 प्रतिशत से भी कम बारिश हो सकती है।
कम बारिश से खरीफ की बुवाई पर खतरा
जून में होने वाली बारिश, जो खरीफ की फसलों की बुवाई के लिए बहुत अहम होती है, इस बार कम रह सकती है। इसके अलावा, बिहार, ओडिशा और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप भी बढ़ सकता है। इससे किसानों को बुवाई के समय काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। कम बारिश से दाल और तिलहन जैसी फसलें प्रभावित हो सकती हैं। हालांकि, फिलहाल चावल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है, जिससे तुरंत कोई बड़ी समस्या नहीं होगी। फिर भी, खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ सकते हैं, खासकर जल्दी खराब होने वाली चीजें और आयातित तेल महंगे हो सकते हैं।