मेरठ की एक झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाली नैन्सी ने रचा 357 करोड़ का टैक्स रिफंड महाघोटाला, जानिए कैसे
आयकर विभाग ने 357 करोड़ रुपये के एक बहुत बड़े टैक्स रिफंड घोटाले का पर्दाफाश किया है। इस पूरे फर्जीवाड़े की मास्टरमाइंड मेरठ की एक झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाली 30 साल की नैन्सी अग्रवाल है। उसने 3 साल तक धारा 80GGC के तहत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक पार्टियों को फर्जी दान दिखाकर देशभर के 3,000 से ज्यादा लोगों को गलत तरीके से 65.5 करोड़ रुपये का रिफंड दिलवाया। जुलाई 2026 में आयकर विभाग की छापेमारी के बाद यह पूरा मामला सबके सामने आया।
छापेमारी में 5 लाख नकद और 4 करोड़ की FD जब्त
आयकर विभाग की टीम ने नैन्सी के 4 ठिकानों पर छापा मारा। इस दौरान टीम ने 5 लाख रुपये नकद, 4 करोड़ रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और उसके देश भर में फैले ग्राहकों की सूची जब्त की। नैन्सी अपने नेटवर्क को बढ़ाने के लिए रेफरल डिस्काउंट देती थी। उसने खासकर उन नौकरीपेशा लोगों को अपना निशाना बनाया जो गलत आयकर रिटर्न फाइल करने के लिए तैयार थे। इन लोगों में कुछ ऐसे भी थे जो जानबूझकर ऐसा कर रहे थे, जबकि कुछ को शायद इस पूरे फर्जीवाड़े की पूरी जानकारी नहीं थी। अब नैन्सी अग्रवाल के साथ-साथ उन सभी लोगों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई शुरू हो गई है, जिन्हें गलत तरीके से रिफंड मिला था। जांच एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि यह घोटाला कितना बड़ा है और इसके तार कितनी दूर तक फैले हुए हैं।