केंद्र सरकार ने सप्रीम कोर्ट में दाखिल किया हलफनामा, कहा- आसान नहीं है विदेशियों की वापसी
केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि भारत में रह रहे विदेशी नागरिकों को बिना उनकी राष्ट्रीयता की पुष्टि किए और उनके देश से मंजूरी मिले वापस नहीं भेजा जा सकता है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब असम में कई विदेशियों को लंबे समय तक हिरासत में रखे जाने पर चिंता जताई जा रही थी, क्योंकि उन्हें उनके देश वापस भेजने का कोई सीधा रास्ता नहीं मिल पा रहा था।
गृह मंत्रालय ने देश से बाहर भेजने की शर्तें बताईं
गृह मंत्रालय के हिसाब से किसी विदेशी को देश से बाहर भेजना आसान नहीं होता। इसके लिए पहले उनकी राष्ट्रीयता की जांच करना बेहद जरूरी होता है। साथ ही, उनके पास सही यात्रा दस्तावेज (जैसे पासपोर्ट-वीजा) होने चाहिए और उनके अपने देश से भी इसके लिए मंजूरी लेनी होती है। ये सब प्रक्रियाएं पूरी होने और उनके खिलाफ चल रहे सभी कानूनी मामले खत्म होने के बाद ही राज्य सरकारें उन्हें वापस भेजने की कार्यवाही कर सकती हैं।