सरकार के आश्वासन पर थमी 26 दिन की भूख हड़ताल, सोनम वांगचुक बोले- लड़ाई अभी बाकी है
जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में अपनी 26 दिन की भूख हड़ताल खत्म कर दी। उन्होंने यह कदम सरकार के उस आश्वासन के बाद उठाया, जिसमें जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे लोगों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई न करने की बात कही गई थी। उनकी यह भूख हड़ताल 28 जून को शुरू हुई थी और 23 जुलाई को केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में खत्म हुई, जब उन्होंने अपना व्रत खोला।
सोनम वांगचुक ने मंत्रियों को धन्यवाद दिया
वांगचुक ने मंत्रियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि वे अपना व्रत खोलने के लिए 'कृतज्ञ और खुश' हैं। उन्होंने अपनी पत्नी गीतांजलि से भी अपने मन की बात कही, 'गीतांजलि हमेशा मेरे साथ रही है। मैं तुम्हें धन्यवाद नहीं देना चाहता, बल्कि अपनी भावनाएं व्यक्त करना चाहता हूं।'
जब नड्डा ने प्रदर्शनकारियों को सरकार का आश्वासन पढ़कर सुनाया, तो वांगचुक ने साफ कर दिया कि भले ही उनकी भूख हड़ताल अब खत्म हो गई है, लेकिन जवाबदेही और सही कार्रवाई के लिए उनका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।