कसौली की भीषण आग पर IAF ने पाया काबू, 27 घंटे बाद घर और स्टेशन सुरक्षित
हिमाचल प्रदेश के कसौली में एक भीषण जंगल की आग भड़क उठी थी, लेकिन 27 घंटे के लगातार प्रयासों के बाद आखिरकार उस पर काबू पा लिया गया। आग बुझाने के लिए फायरफाइटर्स और भारतीय वायुसेना (IAF) के हेलीकॉप्टर्स ने मिलकर मोर्चा संभाला। उन्होंने चंडीगढ़ के पास सुखना झील से 62,000 लीटर से ज्यादा पानी गिराकर आग को शांत करने में मदद की। यह आग 26 मई को शुरू हुई थी और सूखी चीड़ की पत्तियों के कारण बहुत तेजी से फैल गई।
कसौली के घर और वायुसेना स्टेशन के लिए खतरा बन गई थी आग
यह आग कसौली के घरों और पास में ही बने एक वायुसेना स्टेशन के लिए भी बड़ा खतरा बन गई थी। वन विभाग के प्रमुख संजय सूद ने बताया कि अक्सर ऐसी आग जलती बीड़ी-सिगरेट फेंकने या बिना बुझाए कैंपफायर छोड़ने से जैसी इंसानी लापरवाही के चलते लगती हैं। सूखे मौसम और तेज हवाएं इसे और भड़का देती हैं, लेकिन समय रहते उठाए गए कदमों की वजह से घरों और कई ऐतिहासिक स्थलों को बचा लिया गया। हालांकि, जंगल के बड़े हिस्से को काफी नुकसान पहुंचा है।
इस साल जंगलों में हुई 200 से ज्यादा आग की घटनाएं
यह कोई इकलौती घटना नहीं है। इस साल इलाके में 200 से ज्यादा जंगल की आग की घटनाएं सामने आई हैं, जिनसे करीब 3,000 हेक्टेयर जंगल खाक हो गया है। कसौली की इस आग से करीब 67 लाख रुपये का नुकसान आंका गया है, लेकिन राहत की बात यह रही कि इस बार किसी के भी जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है।