30,000 करोड़ के साइबर फ्रॉड का भंडाफोड़, ED ने 5 जालसाजों को दबोचा
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बड़े साइबर धोखाधड़ी मामले का भंडाफोड़ किया है, जिसका मूल्य करीब 30,000 करोड़ रुपये है। इस मामले में ED ने 3 लोगों को मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत हिरासत में लिया है। इससे पहले, 23 अगस्त को ED ने फहीम मोइन हुसैन सैयद और नईम मुईन सैयद नाम के 2 लोगों को भी गिरफ्तार किया था। अब सभी 5 आरोपी ED की हिरासत में हैं और मामले की जांच आगे बढ़ रही है।
FIR में 2,904 करोड़ रुपये जमा होने का खुलासा
इस धोखाधड़ी मामले की नींव तब पड़ी, जब पिछले साल गोवा पुलिस ने एक FIR दर्ज की। यह एक महिला की शिकायत पर हुई थी, जिसे धोखे से 2.6 करोड़ रुपये संदिग्ध खातों में ट्रांसफर करवा दिए गए थे। इसी जानकारी के आधार पर जांच आगे बढ़ी, जिससे पूरे भारत में फैले एक बड़े धोखाधड़ी नेटवर्क का खुलासा हुआ। इस नेटवर्क ने 2,904 करोड़ रुपये नकद जमा किए थे।
ED ने अब इन गतिविधियों को लगभग 300 साइबर धोखाधड़ी शिकायतों और 20 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में दर्ज 163 FIR से जोड़ा है। जांच में सामने आया है कि इस बड़े घोटाले में शेल कंपनियां और एक कमरे से चलाए जा रहे छोटे दफ्तर भी शामिल थे।