CJP प्रवक्ताओं को दिल्ली हाई कोर्ट की फटकार, फ्रांस में प्रदर्शन का क्यों दिया हवाला?
दिल्ली हाईकोर्ट ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को कड़ी चेतावनी दी है। कोर्ट ने यह नाराजगी तब जताई, जब 13 अक्टूबर को पार्टी के सदस्य बिना किसी आधिकारिक अनुमति के जंतर मंतर में घुस गए थे।
खास बात यह है कि इससे सिर्फ 2 दिन पहले ही पार्टी ने शांति बनाए रखने का आश्वासन दिया था। न्यायाधीश ने साफ तौर पर कहा कि ऐसे नियमों की अनदेखी करने से बड़ी भीड़ इकट्ठा हो सकती है और हालात बेकाबू हो सकते हैं। उन्होंने फ्रांस में हाल ही में हुई अशांति का उदाहरण देकर सबको आगाह भी किया।
कोर्ट ने दास और रांका की हिरासत पर उठाए सवाल
CJP के सदस्य सौरभ दास और आशुतोष रांका को हिरासत में लिया गया था। इन दोनों ने दिल्ली के चीफ मिनिस्टर के आवास के बाहर प्रदर्शन किया था, और उनकी मांग थी कि कथित करप्शन के आरोपों के चलते अरविंद केजरीवाल अपने पद से इस्तीफा दें।
कोर्ट ने इस बात पर सवाल खड़े किए कि आखिर उन्होंने अपनी हिरासत की अवधि लगभग खत्म होने तक कानूनी चुनौती दायर क्यों नहीं की। अब अदालत इस बात की पड़ताल कर रही है कि क्या उनकी हिरासत सही थी या नहीं।