दिल्ली हाई कोर्ट का फैसला, वैध वीजा वाले यात्रियों से भी हो सकती है पूछताछ
दिल्ली हाई कोर्ट ने अपने एक फैसले में कहा है कि इमिग्रेशन अधिकारी वैध वीजा वाले यात्रियों को भी रोककर उनसे सवाल-जवाब कर सकते हैं, ताकि उनकी अतिरिक्त सुरक्षा जांच की जा सके।
यह फैसला तब आया जब दिल्ली एयरपोर्ट पर एक भारतीय यात्री को, जिसके पास जर्मनी का वैध बिजनेस शेंगेन वीजा था, बार-बार पूछताछ का सामना करना पड़ा था। कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट, 2025 की धारा 3 के तहत, इमिग्रेशन अधिकारी के पास यह अधिकार है कि वह यात्री से ऐसी जरूरी और सही जानकारी मांगे।
रद्द वीजा और जर्मन अलर्ट ने जांच को सही ठहराया
दरअसल, उस यात्री का पहले का एक वीजा रद्द हो चुका था और जर्मन दूतावास की तरफ से जारी किया गया एक अलर्ट अभी भी लागू था। यही वजह थी कि अधिकारी ज्यादा सतर्कता बरत रहे थे।
कोर्ट ने साफ किया कि इस तरह की जांच से यात्रियों को कुछ परेशानी जरूर हो सकती है, लेकिन इससे किसी की यात्रा रुकती नहीं है।
कोर्ट ने याचिकाकर्ता की इस बात पर भी ध्यान दिया कि उन्हें बार-बार जांच का सामना करना पड़ा था। अदालत ने कहा कि यह अतिरिक्त जांच मनमानी (आर्बिट्ररी) नहीं थी और याचिकाकर्ता को विदेश जाने से रोका भी नहीं गया था।