20 साल की सजा काट रहे शख्स को मिली आजादी, हाई कोर्ट ने सबूतों में मानीं विसंगतियां
दिल्ली हाई कोर्ट ने एक शख्स को बरी कर दिया है, जो कथित तौर पर लगभग 10 साल की एक बच्ची के साथ मारपीट करने के आरोप में 20 साल की सजा काट रहा था।
कोर्ट ने कहा कि मामले के सबूतों में बहुत ज्यादा विरोधाभास थे। जस्टिस मधु जैन ने बताया कि पीड़िता और उसकी मां के बयान एक-दूसरे से मेल नहीं खा रहे थे, जिसकी वजह से यह तय करना मुश्किल हो गया कि असल में हुआ क्या था।
बयानों में विरोधाभास और कोई मेडिकल सबूत नहीं
यह शिकायत मार्च 2022 में दर्ज की गई थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि पड़ोसी ने 2 अलग-अलग दिनों में बच्ची के साथ मारपीट की थी। लेकिन सुनवाई के दौरान, बयानों में लगातार बदलाव होता रहा, खासकर पुलिस को दिए गए बयानों और अदालत में कही गई बातों के बीच।
हाई कोर्ट ने यह भी देखा कि आरोपों का समर्थन करने के लिए कोई ठोस मेडिकल सबूत मौजूद नहीं था। इन सभी संदेहों के कारण, उस शख्स को रिहा कर दिया जाएगा, बशर्ते वह किसी और मामले में वांछित न हो।