दिल्ली कोर्ट का गुरुग्राम पुलिस पर फूटा गुस्सा: युवराज मनचंदा केस में 2 पोस्टमार्टम रिपोर्ट और गंभीर लापरवाही
दिल्ली की एक अदालत ने युवराज सिंह मनचंदा के मामले को संभालने के तरीके को लेकर गुरुग्राम पुलिस की कड़ी आलोचना की है। युवराज की बहन ने इस मामले में सबूतों को सुरक्षित रखने पर सवाल उठाए थे। अदालत को खासकर इस बात से परेशानी हुई कि एक लावारिस शव और उसके निजी सामान का अंतिम संस्कार कर दिया गया। इसके अलावा, जिपनेट (पुलिस का एक नेटवर्क) पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा करने में भी देर की गई।
2 पोस्टमार्टम रिपोर्ट में विरोधाभास, पुलिस ने संदिग्धों के नाम बताए
जज ने बताया कि 2 पोस्टमार्टम रिपोर्ट आपस में मेल नहीं खा रही थीं। एक रिपोर्ट में गोली लगने के घावों का जिक्र था, जबकि दूसरी में डूबने से मौत की बात कही गई थी। अदालत ने यह भी ध्यान दिलाया कि जांच के दौरान किसी कार्यकारी मजिस्ट्रेट को जानकारी नहीं दी गई थी और न ही संबंधित जानकारी ठीक से अपलोड की गई थी। इस बीच पुलिस ने बताया कि मनचंदा की कथित तौर पर हत्या उसकी पूर्व सहकर्मी अनन्या वत्स और उसके साथी संयम सचदेवा ने की थी। आरोप है कि पूछताछ के दौरान इन दोनों ने हत्या और शव को ठिकाने लगाने से जुड़ी जानकारी का खुलासा किया।