छेड़छाड़ के खिलाफ आवाज़ उठाने वाले 17 युवा प्रदर्शनकारियों को मिली जमानत, दिल्ली पुलिस से कोर्ट ने मांगी रिपोर्ट
दिल्ली की एक कोर्ट ने 17 युवा प्रदर्शनकारियों को जमानत दे दी है। इन्हें 5 अक्टूबर को पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के बाहर गिरफ्तार किया गया था। ये सभी एक महिला पत्रकार से छेड़छाड़ के आरोपी पुलिस अधिकारी पर कार्रवाई की मांग को लेकर इकट्ठा हुए थे। जज ने शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने प्रदर्शनकारियों की कम उम्र और उनके भविष्य को भी ध्यान में रखा, लेकिन साथ ही साफ किया कि पुलिस के खिलाफ हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कोर्ट ने नई दिल्ली के उपायुक्त से रिपोर्ट मांगी
कोर्ट ने इस मामले में नई दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (DCP) से भी रिपोर्ट तलब करने का आदेश दिया है। प्रदर्शनकारियों की चोटों की पुष्टि मेडिकल रिपोर्ट से हुई है। पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन से संबंधित CCTV फुटेज को सुरक्षित रखने को भी कहा गया है।
जमानत कुछ शर्तों के साथ मिली है। उन्हें 15,000 रुपये का बॉन्ड भरना होगा, केस से जुड़े किसी भी व्यक्ति को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से फुसलाने या धमकाने की कोशिश नहीं करनी होगी और देश छोड़कर नहीं जाएंगे। हालांकि, इन पर गंभीर आरोप थे, लेकिन ज्यादातर मामले जमानती थे। जज ने विस्तृत पुलिस रिपोर्ट मांगी है, जिससे पता चलता है कि कोर्ट इन आरोपों को गंभीरता से ले रहा है और मामले के आगे बढ़ने पर भी नजर रखे हुए है।