बिजली संकट पर केंद्र सरकार सख्त, बिजली बनाने वालों को दिया ये आदेश
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केंद्र सरकार ने हाल ही में 112 कैप्टिव कोयला-आधारित बिजली घरों को अपनी पूरी क्षमता से बिजली उत्पादन करने का निर्देश दिया है। इनमें भारत एलुमिनियम और टाटा स्टील जैसी बड़ी कंपनियों के पावर प्लांट भी शामिल हैं।
ये सभी अक्टूबर 2026 से दिसंबर 2026 के बीच इस निर्देश का पालन करेंगे। सरकार का मकसद देश में जारी बिजली संकट को कम करना और बिजली बाजार में ज्यादा से ज्यादा बिजली उपलब्ध कराना है।
कमजोर मानसून से पनबिजली उत्पादन घटने की आशंका
कमजोर मॉनसून के कारण पनबिजली का उत्पादन काफी घट गया है। ऐसे में सरकार अब उन बिजली घरों से मदद ले रही है जो आमतौर पर सिर्फ उद्योगों को ही बिजली देते हैं।
देश में बिजली की मांग लगातार ऊंची बनी हुई है और कई पावर प्लांट में कोयले का स्टॉक भी कम हो गया है। इसी को देखते हुए, बिजली की सप्लाई को सुचारु बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है।