मणिपुर: 4 ग्रामीणों की हत्या के बाद AFSPA 6 महीने बढ़ा
केंद्र सरकार ने फैसला किया है कि मणिपुर के ज्यादातर इलाके में 'अशांत क्षेत्र' का दर्जा अगले 6 महीनों तक, यानी 1 अक्टूबर से आगे भी बना रहेगा। इसका मतलब है कि राज्य के 13 खास पुलिस थानों वाले इलाकों को छोड़कर बाकी पूरे राज्य में 'सशस्त्र बल (विशेष शक्तियां) अधिनियम' (AFSPA) लागू रहेगा।
यह फैसला ऐसे समय आया है, जब इस क्षेत्र में अभी भी अशांति और सुरक्षा संबंधी चिंताएं बनी हुई हैं।
संदिग्ध उग्रवादियों ने 4 ग्रामीणों की हत्या की
AFSPA की मियाद ऐसे वक्त बढ़ाई गई है, जब हाल के दिनों में हिंसा में काफी बढ़ोतरी हुई है। इसमें म्यांमार सीमा के पास एक दुखद घटना भी शामिल है, जहां संदिग्ध उग्रवादियों ने 4 ग्रामीणों को मार डाला।
मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह ने इस हत्या की निंदा की है। उन्होंने कहा कि "समाज में ऐसी हिंसक घटनाओं की कोई जगह नहीं है और इन्हें बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।" मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना भी व्यक्त की। सरकार ने बताया है कि नए सिरे से हुई हिंसा को देखते हुए गृह मंत्रालय ने AFSPA के तहत 'अशांत क्षेत्र' का दर्जा बढ़ाया है।