कलकत्ता हाईकोर्ट ने रेलवे का इनकार पलटा, मृतक के परिवार को मिलेगा 8 लाख रुपये मुआवजा
कलकत्ता हाईकोर्ट ने भारतीय रेलवे को बप्तु पाल के परिवार को 8 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। बप्तु पाल की 2019 में एक भरी हुई ट्रेन से गिरकर मौत हो गई थी। कोर्ट ने इस घटना को एक दुर्घटना माना और उस पुराने फैसले को पलट दिया, जिसमें परिवार को मुआवजा देने से मना कर दिया गया था।
कलकत्ता हाईकोर्ट ने मुआवजा देने से मना करने वाला फैसला पलटा
पाल के परिवार को पहले मुआवजा देने से मना कर दिया गया था, क्योंकि अधिकारियों का कहना था कि बप्तु पाल सही यात्री नहीं था। उनका तर्क था कि टिकट की वैधता को लेकर विवाद था। लेकिन जज ने साफ किया कि अगर कोई व्यक्ति, खासकर जिसकी मौत हो चुकी हो, टिकट नहीं दिखा पाता, तो इसका यह मतलब नहीं कि वह बिना टिकट यात्रा कर रहा था।
पुलिस रिपोर्ट में यह भी बताया गया था कि घटना स्थल से टिकट मिला था और बप्तु के भाई ने भी लगातार यही बात कही थी। इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने परिवार के हक में फैसला सुनाया और रेलवे को 8 हफ्तों के अंदर ब्याज के साथ पूरा मुआवजा चुकाने का आदेश दिया।