कुणाल घोष को न्यायपालिका की मर्यादा भंग करना पड़ा भारी, कलकत्ता हाई कोर्ट ने अवमानना का दोषी ठहराया
कलकत्ता हाई कोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता कुणाल घोष और कई अन्य लोगों को अदालत की अवमानना का दोषी पाया है। इस मामले की शुरुआत 1 अप्रैल को हुए एक प्रदर्शन से हुई थी। यह प्रदर्शन शिक्षक भर्ती में देरी के विरोध में किया गया था। प्रदर्शनकारियों ने सड़कें जाम कर दी थीं, एक न्यायाधीश पर चिल्लाए थे और यहां तक कि न्यायाधीश की फोटो पर पैर रख दिया था। अदालत ने कहा कि उनके इन कामों ने अपनी हदें पार कर दी थीं और न्यायपालिका की आजादी को खतरा पहुंचाया था।
कलकत्ता हाई कोर्ट ने घोष पर 2,000 रुपये का जुर्माना लगाया
घोष ने माफी मांगने की कोशिश की, लेकिन अदालत को उनकी माफी सच्ची नहीं लगी। अदालत ने उनकी माफी को बेअसर करार दिया और उन पर 2,000 रुपये का जुर्माना लगाया। साथ ही, यह भी कहा कि जुर्माना न चुकाने पर उन्हें तीन दिन जेल में रहना होगा। बाकी प्रदर्शनकारियों पर भी 1,000-1,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। अदालत ने साफ किया कि लोगों की नाराजगी कितनी भी हो, न्यायपालिका का सम्मान करना बेहद जरूरी है।