ओमान में फंसा तेलंगाना का व्यक्ति, विदेश में नौकरी के नाम पर ऐसे हो रहा धोखा
तेलंगाना के किसान बोरुबोंथाला नागेश का कहना है कि उसे अच्छी नौकरी का लालच देकर ओमान ले जाया गया और धोखा दिया गया। इसके बजाय, उसे हर दिन सिर्फ 75 रुपये में घरेलू काम करने को मजबूर होना पड़ रहा है और उसे भरपेट खाना भी मुश्किल से मिल पाता है।
एक वीडियो में नागेश ने तेलंगाना सरकार और भारतीय अधिकारियों से उसे घर वापस लाने में मदद करने की अपील की है।
उन्होंने कहा, "एक एजेंट ने मुझसे 80,000 रुपये लिए थे। उसने वादा किया था कि मुझे 1.20 लाख रुपये की सैलरी मिलेगी और मुझे किराया भी नहीं देना होगा। लेकिन यहां आने के बाद न तो कोई उचित काम मिला, न ही कंपनी अच्छी है और मुझे काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मुझे सिर्फ 75 रुपये प्रतिदिन दिए जा रहे हैं और मेरी कोई नियमित आय नहीं है।"
तेलंगाना में धोखाधड़ी से जुड़ी 339 भर्ती शिकायतें दर्ज की गईं
नागेश की यह कहानी इकलौती नहीं है। तेलंगाना से विदेश में नौकरी के झूठे वादे करके लोगों को फंसाने के मामलों में काफी इजाफा हुआ है।
संसद में MEA के आंकड़ों से मिली जानकारी के मुताबिक, पिछले 3 सालों में तेलंगाना में धोखाधड़ी वाली विदेशी भर्तियों से जुड़ी 339 शिकायतें दर्ज की गईं।
खाड़ी देशों से 2021 से 2025 के बीच मिली 80,000 से ज्यादा शिकायतों में से करीब 13,000 शिकायतें अकेले ओमान से थीं। इनमें शोषण, दुर्व्यवहार और काम की जगह पर होने वाली परेशानियां शामिल थीं।
हाल ही में तेलंगाना की एक महिला घरेलू सहायिका की नौकरी के लिए ओमान के मस्कट गई थी, लेकिन नौकरी दिलाने वाली एजेंसी के धोखाधड़ी करने से महिला वहीं फंस गई है। मस्कट में महिला का शारीरिक उत्पीड़न हो रहा है और उसे गैर-कानूनी तरीके से कैद कर लिया गया है।