
हैदराबाद विश्वविद्यालय परिसर की जमीन विवाद को लेकर तेलंगाना सरकार ने पैनल गठित किया
क्या है खबर?
तेलंगाना में मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की सरकार ने हैदराबाद विश्वविद्यालय परिसर में कांचा गाचीबोवली भूमि के विवाद को लेकर एक मंत्रिस्तरीय पैनल गठित किया है।
यह पैनल हैदराबाद विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद, छात्रों, नागरिक समाज समूहों और अन्य हितधारकों के साथ चर्चा करेगी और विवाद को सुलझाने की कोशिश करेगी।
मुख्यमंत्री रेड्डी ने इसकी जानकारी एक्स पर दी। उन्होंने बताया कि समिति में उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क, उद्योग मंत्री डी श्रीधर बाबू और राजस्व मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी शामिल होंगे।
फैसला
सुप्रीम कोर्ट की रोक के बाद फैसला
तेलंगाना सरकार ने यह कदम तब उठाया है, जब तेलंगाना हाई कोर्ट ने भूमि के विवाद को लेकर उसमें सरकार के निर्माणकार्य पर रोक लगा दी है और सुप्रीम कोर्ट ने इसी आदेश को बरकरार रखा है।
कोर्ट ने सरकार से विवादित स्थल पर बड़े पैमाने पर पेड़ों को हटाने के पीछे की "अनिवार्य तत्परता" पर सवाल उठाया गया था।
कोर्ट ने अगले आदेश तक जमीन पर किसी भी तरह की गतिविधि पर रोक लगाने का भी आदेश दिया है।
विवाद
क्या है मामला?
तेलंगाना सरकार हैदराबाद विश्वविद्यालय के पास गाचीबोवली में 400 एकड़ भूमि पर निजी सहयोग से एक IT पार्क का निर्माण और अन्य विकास कार्य कराना चाहती है।
इसके लिए तेलंगाना औद्योगिक अवसंरचना निगम (TGIIC) ने निविदा निकालकर किसी निजी कंपनी को कार्य की जिम्मेदारी सौंपी है।
रविवार को कंपनी ने पुलिस की मौजूदगी में जमीन पर बुलडोजर चलाया, लेकिन छात्रों ने पर्यावरण नुकसान का हवाला देकर कार्य रोक दिया।
इसको लेकर पुलिस-छात्रों की झड़प हुई और मामला कोर्ट पहुंचा।