तेलंगाना में इंजीनियरों को 7 लाख और सफाई कर्मचारियों को 2 लाख रुपये मिलता है वेतन
क्या है खबर?
तेलंगाना में सरकारी कर्मचारियों को मिलने वाले मासिक वेतन ने चर्चाओं को जन्म दे दिया है। यहां एक सफाईकर्मी को प्रतिमाह 2 लाख और इंजीनियर को 7 लाख रुपये मिल रहा है। यह खुलासा राज्य के मुख्य सचिव के रामकृष्ण राव ने आर्थिक और सामाजिक अध्ययन केंद्र (CESS) द्वारा आयोजित 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों पर आयोजित एक सम्मेलन में कही। उन्होंने बताया कि 2014 में तेलंगाना के गठन के बाद से वेतन-पेंशन मासिक खर्च 300 प्रतिशत बढ़ गया है।
खुलासा
वेतन-पेंशन व्यय 1,500 करोड़ से बढ़कर 6,000 करोड़ हुआ
राव ने बताया कि जब 2014 में आंध्र प्रदेश से अलग होकर तेलंगाना बना था, तब राज्य का वेतन-पेंशन पर मासिक व्यय 1,500 करोड़ रुपये था, जो आज बढ़कर 6,000 करोड़ रुपये हो गया है। उन्होंने बताया कि बिजली कंपनियों में मुख्य इंजीनियरों को प्रति माह 7 लाख और सफाईकर्मियों सहित वरिष्ठ चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को 2 लाख रुपये प्रतिमाह मिलते हैं। उन्होंने बताया कि बिजली कंपनियों में उच्च-वेतन का कारण 4 साल में होने वाले वेतन संशोधन चक्र है।
आर्थिक दर
खर्च के बावजूद वित्तीय बोझ संभाला
मुख्य सचिव ने बताया कि 1,500 करोड़ रुपये से खर्च 6,000 करोड़ रुपये तक पहुंचना 300 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है, जिसका मुख्य कारण चुनावों के साथ-साथ होने वाले वेतन संशोधन हैं। उन्होंने बताया कि बढ़ते खर्चों के बावजूद राज्य 11 प्रतिशत की विकास दर और राजस्व स्रोतों में लगातार वृद्धि कर रहा है, जिसने वित्तीय बोझ को संभाला है। राव ने रायथु बंधु योजना का उदाहरण देते हुए राज्य के सब्सिडी वितरण पर सफलता पर भी प्रकाश डाला।
वेतन
राज्यपाल और नौकरशाहों से भी अधिक वेतन
तेलंगाना में वेतन की स्थिति सार्वजनिक उपक्रमों ने इतना अधिक हो गया है कि उसने राज्यपाल और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को मिलने वाले वेतन को भी पीछेे छोड़ दिया है। यहां नगर निगम के शुरुआती कर्मचारियों का वेतन लगभग 28,000 रुपये, तीन दशक से अधिक सेवा दे चुके ड्राइवर और सफाई कर्मचारी 1 लाख रुपये से अधिक वेतन पा रहे हैं। ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम नियमित दो प्रतिशत सफाई कर्मचारियों को भत्तों के अतिरिक्त औसतन 70,000 रुपये प्रतिमाह मिलते हैं।