घटिया चावल से सरकार को करोड़ों का नुकसान, तेलंगाना में 14 मिल मालिक दबोचे गए
तेलंगाना के अपराध जांच विभाग (CID) ने हाल ही में 14 चावल मिल मालिकों को गिरफ्तार किया है। इन पर आरोप है कि इन्होंने पिछले खरीफ सीजन में अच्छी क्वालिटी के 'सन्ना रकम' धान की जगह सस्ता चावल बदल दिया। यह गिरफ्तारियां तेलंगाना सिविल सप्लाइज कॉर्पोरेशन के महाप्रबंधक (खरीद) की शिकायत के बाद हुईं। शिकायत 24 अक्टूबर 2026 को दर्ज कराई गई थी। असल में इन मिल मालिकों ने तय क्वालिटी के बजाय घटिया क्वालिटी का चावल भारतीय खाद्य निगम (FCI) को भेजा। इससे सिर्फ आर्थिक नुकसान ही नहीं हुआ, बल्कि सप्लाई के समझौतों का भी उल्लंघन हुआ।
इस गड़बड़ी से करीब 1.69 करोड़ रुपये के बोनस का नुकसान
जांच अधिकारियों ने पाया कि निजामाबाद, करीमनगर और मुलुगु जिलों की मिलों ने कुल 3,385.820 मीट्रिक टन मोटा चावल बदल दिया था। इस हेराफेरी की वजह से सरकार को करीब 1.69 करोड़ रुपये के बोनस का नुकसान हुआ। अगर समय रहते कार्रवाई नहीं होती, तो नुकसान और भी बढ़ सकता था। क्योंकि कुल 45,414.833 मीट्रिक टन चावल बदलने की तैयारी थी, जिससे 242 करोड़ रुपये का नुकसान होने का खतरा था। अधिकारियों ने तुरंत हरकत में आते हुए इस बड़े नुकसान को रोक दिया। इस पूरे मामले में कहीं कोई अधिकारी भी शामिल है या यह कोई बड़ी साजिश है, इसकी जांच अभी भी चल रही है।