तेलंगाना जाति सर्वे के आंकड़े जारी, जानें किस समुदाय का कितना प्रतिनिधित्व
तेलंगणा ने अपना जाति सर्वेक्षण जारी कर दिया है, जिसके आंकड़े वाकई चौंकाने वाले हैं। राज्य की कुल आबादी के 56.33 प्रतिशत लोग पिछड़े वर्ग से हैं, इनमें BC मुसलमान भी शामिल हैं। अनुसूचित जाति (SC) की आबादी 17.43% है, अनुसूचित जनजाति (ST) 10.45% है और मुसलमानों की संख्या 12.56% है। इस सर्वेक्षण में पूरे राज्य के करीब 35.5 मिलियन लोगों की जानकारी इकट्ठा की गई है।
मडिगा सबसे बड़ा जाति समूह बनकर उभरा
मडिगा जाति को अब तेलंगणा में सबसे बड़ा जाति समूह बताया गया है, जो कुल आबादी का 10.3% है। इसके बाद मुदिराज (7.4%) और लाम्बाडी/बंजारा (6.8%) आते हैं। इस रिपोर्ट में अंतर-जातीय विवाहों में बढ़ोतरी भी देखी गई है।
सर्वे से पता चला है कि कुछ BC समूहों ने आर्थिक रूप से पारंपरिक रूप से संपन्न जातियों के बराबर पहुंच बना ली है, जबकि कुछ अब भी कई अहम संकेतकों पर पीछे हैं। राज्य सरकार का कहना है कि यह डेटा भविष्य की कल्याणकारी योजनाओं और आरक्षण तैयार करने में मदद करेगा, ताकि जहां सबसे ज्यादा जरूरत है, वहीं सीधे मदद पहुंचाई जा सके।
मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने इस सर्वेक्षण को एक बड़ा पड़ाव बताया। उन्होंने कहा, 'तेलंगणा का यह सर्वेक्षण पूरे देश के लिए एक प्रेरणा होना चाहिए ताकि सामाजिक न्याय पक्का हो सके।' उन्होंने आगे कहा, 'हमने यह डेटा जनता के सामने रखा है ताकि संसद में इस पर चर्चा हो सके और हम इसे विधानसभा में पेश करेंगे, जिससे आगे की रणनीति तय की जा सके।' उन्होंने केंद्र सरकार से भी पूरे देश में इसी तरह का काम करने की अपील की।