ईरान का युद्धविराम के लिए प्रस्ताव, कहा- होर्मुज जलडमरूमध्य के ओमान वाले हिस्से से गुजरें जहाज
क्या है खबर?
ईरान अब अमेरिका के साथ नए सिरे से संघर्ष को रोकने के लिए समझौता चाहता है, जिसके लिए उसने विवादित होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर एक प्रस्ताव दिया है। रॉयटर्स के मुताबिक, तेहरान के अधिकारियों ने कहा कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य के ओमान वाले हिस्से से जहाजों को गुजरने की अनुमति देने पर विचार कर सकता है, जिसमें किसी हमले का खतरा नहीं होगा। हालांकि, अभी अमेरिका ने इस पर कोई जवाब नहीं दिया है।
बाधा
बारूदी सुरंग हटाने को लेकर कोई शर्त नहीं
ईरान ओमान के हिस्से से जहाजों को गुजरने की अनुमति देने के लिए तैयार है। हालांकि, ये नहीं बताया गया कि क्या ईरान उस जलक्षेत्र में बिछी बारूदी सुरंग को हटाने पर सहमत होगा? रॉयटर्स का कहना है कि उसको जानकारी देने वाले अधिकारी ने यह भी नहीं बताया कि क्या ईरान ओमान वाले हिस्से से इजरायल समेत अन्य देशों के जहाजों को भी स्वतंत्र रूप से गुजरने की अनुमति देगा? इस प्रस्ताव पर अब फैसला वाशिंगटन को करना है।
नरमी
ईरान दिखा रहा नरमी?
ईरान का यह प्रस्ताव दिखा रहा है कि वह अपने आक्रामक विचारों से पीछे हट रहा है, जिसमें होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से वसूली और जलडमरूमध्य पर संप्रभुता थोपना शामिल था। ईरान के उन फैसलों को वैश्विक जहाजरानी उद्योग समुद्री सम्मेलनों के उल्लंघन में अभूतपूर्व एकतरफा कदम मानता है। बताया जा रहा है कि ओमान के जलक्षेत्र से जहाजों को बिना किसी बाधा के गुजरने देने का प्रस्ताव विचाराधीन था, हालांकि वाशिंगटन ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी थी।
संकट
युद्धविराम के बाद भी होर्मुज पर नियंत्रण बड़ा मुद्दा
ईरान पर 28 फरवरी को अमेरिकी-इजराली हमले शुरू होने के बाद से सैकड़ों टैंकर 20,000 नाविकों के साथ ओमान और फारस की खाड़ी में फंसे हैं। 8 अप्रैल को 2 सप्ताह के युद्धविराम में भी होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण एक प्रमुख मुद्दा बना हुआ है। इस बीच अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों पर नाकाबंदी भी कर दी है। होर्मुज दुनिया का 20 प्रतिशत तेल और द्रवीकृत प्राकृतिक गैस (LPG) प्रवाह संभालता है, जिससे वैश्विक ईंधन संकट पैदा हुआ है।
जानकारी
ईरान और ओमान की खाड़ी के बीच में है होर्मुज
होर्मुज ईरान और ओमान के बीच स्थित जलडमरूमध्य है। यह केवल 34 किलोमीटर चौड़ी जल पट्टी है। यह खाड़ी से हिंद महासागर तक मार्ग प्रदान करता है और मध्य पूर्व से ऊर्जा आपूर्ति और उर्वरकों सहित अन्य महत्वपूर्ण वस्तुओं के लिए एक मुख्य मार्ग है।