जेलब्रेक के बाद जागा तमिलनाडु, अब सभी जेलों का होगा कड़ा सुरक्षा ऑडिट
तमिलनाडु सरकार ने हाल ही में हुए कुछ बड़े जेलब्रेक की घटनाओं के बाद अब अपनी जेलों की सुरक्षा को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। राज्य के जेल विभाग ने पिछले हफ्ते एक सुरक्षा ऑडिट शुरू किया है।
इस ऑडिट का मुख्य मकसद जेलों की कमजोरियों को पहचानना और उन्हें दूर करने के लिए सुझाव देना है। इन सुझावों में जेलों के इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाना और शायद हथियारों से लैस वॉचटावर लगाना भी शामिल हो सकता है।
अधिकारियों को इस महीने के आखिर तक ऑडिट रिपोर्ट मिलने की उम्मीद है। इसके बाद 'गैप एनालिसिस' भी किया जाएगा, ताकि पता चल सके कि कहां-कहां सुधार की सबसे ज्यादा जरूरत है।
थेक्काम्पाट्टी उप-जेल से 17 कैदियों का फरार होना
यह कड़ा कदम थेक्काम्पाट्टी उप-जेल से हुई एक बड़ी घटना के बाद उठाया गया है। यहां से 17 विचाराधीन कैदी नकली मेडिकल इमरजेंसी का बहाना बनाकर भाग निकले थे।
कर्तव्य में लापरवाही बरतने के आरोप में जेल के 9 कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया गया। पुलिस ने ड्रोन और स्पेशल टीमों की मदद से 13 भागे हुए कैदियों को पकड़ लिया है, लेकिन चार कैदी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। इस जेल में क्षमता से ज्यादा कैदी होना भी एक बड़ी समस्या बनकर उभरा है।
थेक्काम्पाट्टी जेल की क्षमता सिर्फ 200 कैदियों की है, लेकिन वहां 334 कैदी रखे गए थे। ऐसी भीड़भाड़ की वजह से जेल के अंदर सभी के लिए हालात काफी मुश्किल हो जाते हैं।